धर्म :- सनातन परंपरा के अनुसार सप्ताह के सातों दिन किसी न किसी देवी-देवता या फिर ग्रह से जुड़े हुए हैं. ऐसे में दिन विशेष पर जहां कुछ काम को करने पर शुभता तो वहीं कुछ कामों को करने पर अशुभ परिणाम प्राप्त होते हैं. आइए जानते हैं देवगुरु बृहस्पति को समर्पित गुरुवार के दिन कौन से काम भूलकर भी नहीं करने चाहिए.हिंदू धर्म में गुरुवार का दिन अत्यंत ही शुभ माना गया है क्योंकि यह जगत के पालनहार माने वाले भगवान विष्णु और देवताओं के गुरु बृहस्पति को समर्पित है.
ज्योतिष के अनुसार किसी भी व्यक्ति की कुंडली में देवगुरु बृहस्पति गुडलक के कारक माने जाते हैं और जिस किसी पर भी उनका आशीर्वाद बरसता है उसे जीवन में मान-सम्मान और सुख-सौभाग्य प्राप्त होता है. हिंदू मान्यता के अनुसार गुरुवार के दिन जहां कुछेक कार्यों को करने पर बृहस्पति देवता प्रसन्न होकर मनचाहा वरदान देते हैं, वहीं इस दिन कुछेक कार्यों करने पर दोष लगता है. आइए जानते हैं कि देवगुरु बृहस्पति की कृपा पाने के लिए गुरुवार के दिन कौन से काम भूलकर भी नहीं करने चाहिए.


गुरुवार को क्या नहीं करना चाहिए
- ज्योतिष के अनुसार गुरुवार के दिन व्यक्ति क्षौर कर्म यानि अपने बाल, नाखून, दाढ़ी आदि नहीं कटवाने या काटने चाहिए.
- गुरुवार के दिन इस कार्य को करने पर दोष लगता है. हिंदू मान्यता के अनुसार गुरुवार के दिन क्षौरकर्म करने से सुख सौभाग्य के साथ संतान सुख में कमी आती है.
- हिंदू मान्यता के अनुसार गुरुवार के दिन साबुन, शैंपू आदि को लगाकर न तो नहाना और न ही बाल धोना चाहिए. शादी शुदा महिलाओं को तो भूलकर भी अपने बाल नहीं धोना चाहिए. मान्यता है कि इस नियम की अनदेखी करने वाली महिलाओं के वैवाहिक जीवन से जुड़ी परेशानियां झेलनी पड़ती है.
- गुरुवार के दिन कपड़े धोना और उसे प्रेस करवाना भी शुभ नहीं माना जाता है. ऐसा करने पर धन की हानि होने की आशंका बनी रहती है.हिंदू मान्यता के अनुसार गुरुवार के दिन जाले मारना, पोंछा लगाने जैसे कार्य से बचना चाहिए.
- गुरुवार के दिन किसी को धन उधार देने और उधार लेने से बचना चाहिए. ये दोनों ही स्थितियां गुरुवार के लिए अशुभ मानी गई हैं.
- गुरुवार के दिन अपने गुरु को न तो निराश करना चाहिए और न ही उनकी उपेक्षा या अपमान करना चाहिए.
- गुरुवार के दिन तुलसी, पीपल, केला जैसे पवित्र पेड़ों को न तो काटना चाहिए और न ही उसकी छंटाई करना चाहिए.
- गुरुवार के दिन व्यक्ति को दक्षिण दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए क्योंकि इस दिन इस दिशा में दिशाशूल रहता है.
- गुरुवार के दिन किसी भी साधु-संत या महात्मा का अनादर नहीं करना चाहिए.
- हिंदू मान्यता के अनुसार गुरुवार के दिन केले का सेवन भी नहीं करना चाहिए क्योंकि इस दिन इसका पूजन किया जाता है.
